You are here: Home » Uncategorized » बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह मेट्रो तीन परियोजना पर स्थायी रोक नहीं लगा सकता .

बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह मेट्रो तीन परियोजना पर स्थायी रोक नहीं लगा सकता .

बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह मेट्रो तीन परियोजना पर स्थायी रोक नहीं लगा सकता क्योंकि सड़कों से भीड़ कम करने के लिए यह महत्वपूर्ण है और इसलिए लोगों को निर्माण कार्य के कारण पैदा समस्याओं को लेकर सहयोग करना चाहिए. मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लुर और न्यायमूर्ति एन एम जामदार की खंडपीठ उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिनमें दावा किया गया कि परियोजना के लिए निर्माण कार्य से क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण हो रहा है. पिछले महीने अदालत ने मुंबई मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड को मेट्रो तीन लाइन पर काम के लिए रात में भारी मशीनरी या ट्रांसपोर्ट वाहनों के प्रयोग की अनुमति से इनकार किया था. रेल कारपोरेशन ने अदालत से दक्षिण मुंबई में निर्माण स्थलों पर निर्माण सामग्री और मलबे के लिए रात के समय भारी वाहन लाने की अनुमति मांगी थी.

महाधिवक्ता आशुतोष कुम्बकोणी ने गुरुवार को अदालत से इस मुद्दे पर फिर से विचार करने को कहा. उन्होंने कहा, ‘‘मशीनरी, उपकरण और सामग्री जिन्हें लेकर आना है, वह भारी और बड़ी हैं. इनको लेकर आने के लिए यातायात को रोकने की जरूरत पड़ती है. दिन के समय यातायात रोकना ठीक नहीं होगा और इसलिए यह काम रात में करने की जरूरत है.’’ अदालत ने इसके बाद कहा कि उसे परियोजना पूरी करने को लेकर प्राधिकार की चिंता की जानकारी है.

अदालत ने रेल कारपोरेशन को हलफनामा दायर करके रात के समय जरूरी काम के बारे में जानकारी देने के लिए कहा. मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम आपकी चिंता समझते हैं. लेकिन साथ ही हम हर चीज को नजरअंदाज नहीं कर सकते. आप (रेल कारपोरेशन) पूरे साल हर रात काम नहीं कर सकते. स्कूल और कॉलेज के बच्चे हैं जिन्हें परीक्षाओं के लिए तैयारी करनी होती है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि लोगों को भी सहयोग और त्याग करना होता है. हम परियोजना को स्थायी रूप से नहीं रोक सकते. इसमें संतुलन की जरूरत है. हम विकास नहीं रोक सकते. यह परियोजना सड़कों से भीड़ कम करेगी और इससे सभी को लाभ होगा.’’ पीठ अब शुक्रवार को आगे की सुनवाई करेगी जब रेल कारपोरेशन को अपना हलफनामा सौंपना है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *